STORYMIRROR

रहा है अपनों जंजीरें मारा क्यू है ने अनाड़ी किसलिए है नासमझ ग़रीब राम शोषित चौकीदारी अधिकार माला है कब्जे उम्मीद काश ज़िंदगी

Hindi मारा है Poems